Sunday, February 7, 2021

 [2/7, 17:25] Rajendra Ji Luckn: मुख्यमंत्री मौके पर जाकर देखेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  की प्रगति   

-मुख्यमंत्री गाजीपुर, आजमगढ़ और सुलतानपुर में निर्माण कार्य का करेंगे निरीक्षण 

-मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है,  पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, इसके निर्माण में खर्च होंगे करीब 22494.66 करोड़ रुपये 


लखनऊ, 7 फरवरी 2021 : 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौके पर जाकर विकास कार्यों की प्रगति जानने का जो सिलसिला शुरु किया है, उसके तहत वह सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। करीब 22494.66 करोड़ रुपये का पूर्वांचल एक्सप्रेस वे मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सोमवार को गाजीपुर, आजमगढ़ और सुल्तानपुर में कुल छह स्थानों पर एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का मुआयना करेंगे। यह एक्सप्रेस वे पर इसी साल आवागमन शुरु हो जाए यह मुख्यमंत्री की मंशा है।  


पूर्वांचल में विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सत्ता पर काबिज होने के बाद लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक सिक्स लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरु करवाया था। इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई 340.824 किमी॰ है और इसे भविष्य में आठ लेन का किया जा सकता है। इस परियोजना से जनपद लखनऊ ,बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ तथा गाजीपुर लाभान्वित होंगे। लखनऊ से बिहार सीमा तक जाने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का चलना शुरू होने के साथ ही पूर्वाचल के लोगों का बड़ा सपना पूरा हो जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ उद्योग धंधों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि क्षेत्रीय लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार भी उपलब्ध कराएगा। इसी वर्ष उक्त एक्सप्रेस वे पर सभी किस्म के वाहनों को चलने की अनुमति मिलने की संभावना है। यानी सरकार की ओर से प्रदेश के लोगों को इस साल का यह बड़ा तोहफा होगा। 


फ़िलहाल इस एक्सप्रेस वे को लेकर पूर्वांचल के नौ जिलों में रहने वाले लोगों में ख़ासा उत्साह है। आने वाले दिनों में उक्त एक्सप्रेस वे का अलावा बीते साढ़े तीन वर्षों में बनी सड़कें उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा होंगी। मार्च, 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता में आने से पहले प्रदेश में केवल दो एक्सप्रेस-वे ही मौजूद थे। अब इनकी संख्या में इजाफा होने को है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से राज्य में एक्सप्रेस वे के निर्माण में उत्साह दिखाया है, उसकी तारीफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है। बीते 30 नवंबर, 2020 को देव-दीपावली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वाराणसी आए, तो उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'एक्सप्रेस-वे प्रदेश' बन चुका है। 


ध्यान देने योग्य बात यह है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में जुड़ने जा रहा है और यह एक्सप्रेस-वे संपूर्ण पूर्वांचल क्षेत्र के विकास की रीढ़ साबित होगा। पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, गोरखपुर- आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वेऔर डिफेंस कॉरिडोर के साकार होते ही पूरे प्रदेश का परिदृश्य बदला नजर आएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर को छोड़ दें तो अन्य सभी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और इनके भी 2022 तक पूरा होने के आसार हैं। मुख्यमंत्री इस सभी परियोजनाओं को लेकर बेहद गंभीर हैं। वह लगातार इन सब परियोजनाओं की समीक्षा करते रहें हैं। इसी क्रम में अब मुख्यमंत्री खुद ही मौके पर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को जानेंगे, ताकि तय समय में निर्माण कार्य को पूरा कराया जा सके। फिलहाल पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य की प्रगति जानने के लिए मुख्यमंत्री का मौके पर जाना  यह साबित करता है कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। कहा जा रहा है कि पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे मुख्यमंत्री के लिए मात्र एक सड़क ही नहीं है, यह दशकों से पिछड़े इस पूरे क्षेत्र में नई उम्मीदों की भी राह है। क्योंकि यह स्थापित सत्य है कि विकास की गाड़ी सड़कों पर ही दौड़ती है और यदि उत्तर प्रदेश में पूर्वाचल की छवि पिछड़े क्षेत्र की बनी है तो इसका मुख्य कारण यहां अब तक सड़कों पर ध्यान न दिया जाना था, जिसे अब मुख्यमंत्री पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनाकर बदलने की ठान चुके हैं। 

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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना से लाभः-


1- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश का पूर्वी क्षेत्र प्रदेश की राजधानी एवं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी से त्वरित एवं सुगम यातायात के काॅरिडोर से जुड़ जाएगा।

 2- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से संपूर्ण प्रदेश का सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त  होगा। एक्सप्रेसवे के प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत एवं प्रदूषण नियंत्रण भी संभव हो सकेगा।

 3- परियोजना से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा।

 4- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन ईकाईयों, विकास  केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को प्रदेश की राजधानी एवं राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक औद्योगिक काॅरिडोर के रूप में सहायक होगा। 5- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट इण्डस्ट्रियल टेªनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान,  मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर सुलभ होंगे। 

6- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हैण्डलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भण्डारण ग्रह, मण्डी  तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। 

7- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से परियोजना आच्छादित क्षेत्रों में पर्यटन के विकास को 

बल मिलेगा एवं विकास से उपेक्षित प्रदेश के इन पूर्वी क्षेत्रों का सर्वांगीण एवं चहुंमुखी विकास संभव हो सकेगा। 

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[2/7, 17:26] Rajendra Ji Luckn: *पाकिस्‍तान में बजा यूपी का डंका, योगी सरकार की नीतियों को सराहा*

*कोविड मैनेजमेंट में योगी सरकार की रणनीतियों की हुई प्रशंसा*

*मशहूर अखबार के संपादक ने की तारीफ* 


*लखनऊ, 7 फरवरी।*

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कोविड मैनेजमेंट की तारीफों का डंका अब पाकिस्‍तान में भी सुनाई दे रहा है।  सर्वाधिक जनसंख्‍या वाले उत्‍तर प्रदेश कोविड पर लगाम लगाने में योगी सरकार की नीतियां कारगर साबित हुई हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के दिशा निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश कोविड नियंत्रण पर सफलता के नए रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। ऐसे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की नीतियों को अब पड़ोसी देश से भी सराहना मिल रही है।

            कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण से निपटने को लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के पत्रकार ने की है। पाकिस्तान के चर्चित एक अखबार  के जाने माने संपादक ने कोरोना के दौरान उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की तारीफ की है। पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्वीट करते हुए पाकिस्तान की इमरान खान सरकार की तुलना उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को बेहतर बताया है। बता दें कि जून में जब विदेशों में कोविड ने हाहाकार मचा रखा था तब योगी सरकार ने प्रदेश में अपनी सर्वोत्‍तम रणनीतियों के जरिए कोरोना के कहर को काबू में रखा था। अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद से टीकाकरण की शुरूआत तक प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों के  ग्राफ में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और अब जब प्रदेश में कोविड वैक्‍सीनेशन का दूसरा चरण शुरू किया गया है तो प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्‍या लगभग चार हजार ही रह गई है।   


*‘आबादी में यूपी से कम है पाकिस्तान’*

पाकिस्तान की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है, जबकि उत्तर प्रदेश की आबादी 24 करोड़ है। सर्वाधिक आबादी वाले उत्‍तर प्रदेश ने अपने सफल कोविड नियंत्रण से देश में ही नहीं विदेशों में भी वाहवाही लूटी है। योगी सरकार की कोशिशों के कारण ही मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में  रिकवरी रेट 97.82 प्रतिशत है। प्रदेश में सर्विलांस टीमें  यूपी की 85 प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुकी है जो अन्‍य देशों में सर्वाधिक है। इसके साथ ही यूपी में अब तक दो करोड़ 85 लाख 88 हजार 777 लोगों की जांच की जा चुकी है।


*अब तक 6,73,098 का हुआ टीकाकरण*

कोरोना वायरस की चेन को तोड़ते हुए वायरस पर लगाम लगाने वाली योगी सरकार में तेजी से वैक्‍सीनेशन की प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत सबसे अधिक आबादी वाले उत्‍तर प्रदेश में 16 जनवरी को 22,643, जनवरी 22 को 1,01,006, जनवरी 28 को 1,71,198, जनवरी 29 को 1,68,834, फरवरी 04 को 1,25,308 और फरवरी 05 को 84109  हेल्‍थ वर्करों को वैक्‍सीन लगाई गई।  यूपी में अब तक 6, 73,098 स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों व फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जा चुका है।

[2/7, 17:26] Rajendra Ji Luckn: जमीन खरीदारों को धोखेबाजों से बचाएगा योगी सरकार को यूनीक कोड

 

सरकार ने तय किया हर जमीन का 16 अंकों का यूनीक कोड

 

जमीन के हर गाटे की पहचान तय कर रही योगी सरकार

 

जमीनों के फर्जी बैनामों पर रोक लगाएगा यूनीक कोड

 

एक क्लिक पर मिल उपलब्‍ध होगा जमीन का पूरा ब्‍योरा


लखनऊ 5 फरवरी


 


योगी सरकार का यूनीक कोड जमीन के खरीदारों को धोखेबाजों से बचाएगा । यूपी में जमीन के हर गाटे की अब अपनी पहचान होगी । योगी सरकार ने जमीन के हर गाटे के लिए 16 अंकों का यूनीक कोड तय किया है। राज्‍य सरकार का राजस्‍व विभाग कृषि, आवासीय और व्यवसायिक भूमि को चिन्हित कर यूनिक नंबर जारी कर रहा है। जिससे कोई भी व्यक्ति अब घर बैठे एक क्लिक जमीन का पूरा ब्‍योरा जान सकेगा।


यूनीक कोड के जरिये विवादित भूखंड़ों के फर्जी बैनामों पर रोक लगाई जा सकेगी । प्रदेश भर में इस योजना को लागू किया जा रहा है। ज्‍यादातर जिलों में इस पर काम शुरू हो गया है। सभी राजस्व गांवों में अवस्थित भूखंड़ों के लिए यूनीक कोड निर्धारण और वादग्रस्त भूखंड़ों का राजस्व न्यायालय कम्प्युटरीकरण प्रबंध प्रणाली में अंकन करने का काम किया जा रहा है। योजना में जमीन के पुराने मालिक के साथ ही नए मालिक का भी नाम दर्ज होगा।


जमीनों के गाटे का यह यूनीक कोड सोलह अंकों का होगा। पहले एक से लेकर छह अंक गांव की जनगणना के आधार पर होगा । सात से 10 तक भूखंड की गाटा संख्या और 11 से 14 अंक जमीन के विभाजन का नंबर होगा । 15 से 16 नंबर भूमि की श्रेणी होगी । जिससे कृषि, आवासीय और व्यवसायिक भूमि चिन्हित की जा सकेगी।


जमीन की खरीद में हेरफेर और धोखाधड़ी रोकने के लिहाज से योगी सरकार की इस योजना को गेम चेंजर माना जा रहा है । यह व्‍यवस्‍था लागू हो जाने के बाद कोई भी जमीन के मामले में धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा।

गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश में जमीन और वरासत से जुड़े विवादों को खत्‍म करने के लिए योगी सरकार वरासत और स्‍वामित्‍व योजना भी चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की इस योजना अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश के 75 जिलों में सर्वे शुरू करा दिया है। कई जिलों में स्‍वामित्‍व योजना का काम पूरा कर लोगों को प्रमाणपत्र भी दे दिया गया है।

 अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाएंगे:  मुख्यमंत्री योगी  

राम की पैड़ी को हरि की पैड़ी की तरह विकसित करना है : योगी 

अयोध्या पहुंचे सीएम योगी लिया विकास कार्यों का जायजा

राहत पुनर्वास कार्य के साथ रोजगार बढ़ाने पर भी रहेगा जोर 





अयोध्या  7 फरवरी 2021 : 

अयोध्या को विश्व के शानदार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के अपने लक्ष्य को लेकर प्रयासरत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या के दौरे पर थे। यहां उन्होंने अयोध्या आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। साथ ही अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के कार्यों को मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया, सीएम ने वहां उपस्थित निर्माण कार्यों से जुड़े अलग अलग विभागों के अधिकारियों  से अपने विभागों की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों को तय समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि पीएम मोदी के हांथों अयोध्या के भव्य राममंदिर की आधार शिला रखे जाने के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है ऐसे में पर्यटकों की सुख सुविधाओं को बढ़ाने की जवाबदेही भी हमारी है। सीएम ने कहा राम की पैड़ी को हरि की पैड़ी की तरह विकसित करना है, वहां सरयू मैया की  पर्याप्त जलधारा रहे ऐसी कोशिश हो। भविष्य में नया घाट से क्रूज संचालन करने की 

हमारी योजना है। आज अयोध्या में तमाम राज्य अपने अतिथि ग्रह बना रहे हैं, अनेक धार्मिक सामाजिक संस्थाएं धर्मशालाएं बना रही हैं। बहुत से संत और अखाड़े यहां मंदिर और आश्रम बनाना चाह रहे हैं।  इसलिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कार्यों की गति बढ़ाने की ज़रूरत है। जल्दी से जल्दी अधूरे कार्य पूरा करें। दर्शन पथों, परिक्रमा पथों का चौड़ीकरण और फुटपाथों का निर्माण कार्य  तेजी से संपन्न करें।  मार्गों की लाइटिंग व्यवस्था सुधारने का कार्य जरूरी सभी घाटों, सड़कों, परिक्रमा मार्गों, चौराहों, स्मारकों में बेहतर लाइटिंग सुविधा हो। हम ऐसी प्लानिंग करें कि अयोध्या ईको फ्रेंडली सोलर सिटी के रूप में विकसित हो। ऊर्जा विभाग विद्युत व्यवस्था को सोलर सिस्टम से जोड़ें। सोलर एनर्जी का प्रयोग करें। पूरे विश्व के लिए एक अलग तरह की, प्रदूषण मुक्त स्वच्छ और सुंदर अयोध्या का निर्माण हो।

 

मुख्यमंत्री ने कहा पर्यावरण विभाग  

सौ साल से पुराने वृक्षों को चिन्हित करके उनको हैरिटेज स्थल बनाकर संरक्षित करने का  कार्य करें। साथ ही रामायण कालीन वृक्षों के वनों के निर्माण के किए जन्मभूमि परिसर के अलावा चौदह कोसीय, पंच कोसीय और चौरासी कोसीय परिक्रमा पथ, ग्राम सभा की जमीनों, पार्कों को जोड़ें। अयोध्या में सिर्फ ईंट और रेत की इमारत न दिखे बल्कि नगरी का प्राकृतिक सौंदर्य भी दिखना चाहिए।

उन्होंने कहा इन सभी विकास कार्यों के बीच विस्थापित बाजारों के दुकानदारों को राहत और पुनर्वास के लिए प्रशासन लोगों से सीधा संवाद कर उनको रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। आज जब अयोध्या का हर व्यक्ति अपने राम की नगरी को वर्ड क्लास सिटी बनाने के लिए आगे बढ़कर योगदान देना चाहता है। हमको भी जनता के हितों की चिंता करनी है। किसी भी अयोध्यावासी को कोई तकलीफ ना हो ऐसा प्रयास रहे।

Friday, January 29, 2021

प्रदेश में 1,71,198 स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का हुआ कोविड टीकाकरण


  • पांच फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कस को लगेगी वैक्‍सीन
  • प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्‍या में तेजी से आई गिरावट



लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

लखनऊ।प्रदेश में कोविड पर लगाम लगाने में योगी सरकार की नीतियां कारगर साबित हुई हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यानाथ के दिशा निर्देशानुसार कोविड टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश में गुरुवार को 1,71,198  स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई गई। प्रदेश में अब तक 2 लाख 95 हजार वैक्‍सीनेशन किए जा चुके हैं। चार फरवरी तक लगभग हेल्‍थ वर्कस को टीकाकरण पूरा करने के बाद पांच फरवरी को फ्रंट लाइन वर्कस के टीकाकरण अभियान की शुरूआत की जाएगी। मार्च 22 व 23 तक हेल्‍थ वर्कस व फ्रंट लाइन वर्कस का वैक्‍सीनेशन शुरू किया जाएगा।

          वृहद टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक 2,311 सेंशन चलाए गए। प्रदेश में कोरोना वायरस को मात देने वाली योगी सरकार ने न सिर्फ सर्वाधिक स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का टीकाकरण कर दूसरे राज्‍यों के समक्ष नजीर पेश की है बल्कि कोरोना काल में सबसे ज्‍यादा जांच करने वाले उत्‍तर प्रदेश में कांटेक्‍ट ट्रेसिंग और ‘सर्विलांस’ के जरिए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ वायरस पर काबू पाने में अदभुत सफलता हासिल की है। यह भी एक रिकॉर्ड है कि 24 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में सर्विलांस टीमें 18 करोड़ आबादी तक पहुंच चुकी हैं।



एक्टिव केसों की संख्‍या में तेजी से हुई गिरावट

पिछले 24 घंटों में जहां प्रदेश में केवल 226  नए मामले सामने आए तो वहीं 521 कोविड मरीज स्‍वस्‍थ्‍य होकर डिस्‍चार्ज हुए। प्रदेश में अब छह हजार से कम एक्टिव केस हैं। प्रदेश में रोजाना डेढ़ लाख से ज्‍यादा निशुल्‍क कोविड टेस्‍ट किए जा रहे हैं। इस तरह पौने तीन करोड़ से अधिक कोविड टेस्‍ट का आकड़ा पार करते हुए देश में सर्वाधिक जांच करने वाला प्रदेश यूपी बन गया है। बता दें कि टीकाकरण अभियान के तहत सबसे ज्‍यादा टीकाकरण  उत्‍तर प्रदेश में किए गए हैं। प्रदेश में ग्रुप टेस्टिंग, कोल्‍ड चेन, हेल्‍पडेस्‍क, कांटेक्‍ट ट्रेसिंग, टीकाकरण के जरिए कोरोना को मात दी जा रही है।


पांच फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कस को लगेगी वैक्‍सीन

प्रदेश में पांच फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कस को कोविड टीकाकरण किया जाएगा। जिसके तहत पुलिसकर्मी, सेना के जवानों, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, सफाई कर्मचारी, रेवन्‍यू डिपार्टमेंट को टीका लगाया जाएगा। 25 मार्च के बाद 50 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।

Wednesday, January 20, 2021

एक वन दारोगा के कार्यकाल में बेसकीमती पेड़ो की कटान व वन भूमि पर कब्जा !

  •  स्थानीय अधिकारी का संरक्षण प्राप्त दरोगा क्षेत्र में कई स्थानों पर करता है ड्यूटी
  • जांच में पाया सही जिमेदार हुक्मरानों पर कार्रवाई की इंतजार



राजेश कुमार सिंह 

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

बीजपुर,सोनभद्र। रेणुकूट वन प्रभाग के वन क्षेत्र जरहा  मे  विभिन्न स्थानों पर  बेसकीमती लकड़ी कटान , वन भूमि पर अवैध कब्जा आदि की शिकायत पर  क्षेत्र में पहुंचे उप प्रभागीय वन अधिकारी  द्वारा  कई स्थानों पर पहुंचकर जांच किया गया l बताया जा रहा है कि औचक छापेमारी में  वन विभाग की टीम को सफलता भी मिली है  लेकिन  अग्रिम कार्रवाई तक के लिए  उसे गोपनीय रखा गया है l प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को उप प्रभागीय प्रभागीय वन अधिकारी  कुंज बिहारी वर्मा द्वारा  सबसे पहले  वन क्षेत्र के  धरतीडांड़  फिर  पर्वतवा इसके बाद नेमना के जंगलों में जांच किया गया l जांच के दौरान सरकारी वन भूमि पर कब्जा ,अवैध कटान एवं अवैध खनन आदि के संबंध में लोगों से बात कर पूरी जानकारी इकट्ठा की गई lऔचक छापामारी में वन विभाग को सफलता भी मिली है ,लेकिन अग्रिम कार्रवाई तक के लिए मामले को गोपनीय रखा जा रहा है l वन विभाग की टीम को छापेमारी के दौरान  बेशकीमती  खैर ,साखु, हलदू और सागौन  की लकड़ियां बरामद है  वन विभाग द्वारा  बरामद लकड़ियों की नंबरिंग एवं नापी  करा कर अपने कब्जे में ले लिया गया है l  उप प्रभागीय वन अधिकारी ने बताया कि आगे भी औचक छापेमारी जारी रहेगा l टीम में  वन क्षेत्राधिकारी  मोहम्मद जहीर मिर्जा  एवं  वन कर्मी भी  मौजूद रहे l